स्वर योग
स्वर योग क्याँ हैं.
स्वर योग से हमारा अभिप्राय नसिकाओं में विचरने वाले स्वासँ से है. अगर हम हमारी नासिका के दोनों छिद्रो में विचरने वालें स्वासों पर थोड़ा ध्यान केन्र्दित करें तो निम्नलिखित तीन बातें सामने आती है:-
१. कभी स्वास बायी तरफ से चल रहा होता है जिसे हम बायाँ स्वर कहेगें
२. कभी स्वास दायी तरफ से चल रहा होता है जिसे हम दायाँ स्वर कहेगें
३. कभी स्वास दोनों तरफ चल रही होती हैं जिसे हम शून्य स्वर कहेगें
हमारे शरीर में मुख्य रूप से तीन नाड़ीयों में प्राण विचरन करता है.
१. इडा
२. पिगलां
३. सुषम्ना
अब हम इन तीनों नाड़ियों की व इनमें विचरने वाले प्राण की विस्तार से चर्चा करेगे.
इडा नाड़ी
जब स्वास बायी तरफ से चल रहा होता है तो इडा का प्रवाह हो रहा होता है. इडा का सबन्ध चन्द्र्मा से है इसको चद्र नाड़ी भी कहते है. इसका आरम्भ मूलाधार चक्र से ही होता है यह मूलाधार चक्र के बायी और से होती हुई स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनहद, विशुद्वि नामक चक्रों से होती हुई आज्ञा चक्र में समां जाती है. यह शीतल नाड़ी कहलाती है. यह ऋण आवेशित होती है.
पिगला नाड़ी
जब स्वास दायीं तरफ से चल रहा होता है तो पिगला का प्रवाह हो रहा होता है. पिगला का सबन्ध सूर्य से है इसको सूर्या नाड़ी भी कहते है. इसका आरम्भ मूलाधार चक्र से ही होता है यह मूलाधार चक्र के दायीं और से होती हुई स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनहद, विशुद्वि नामक चक्रों से होती हुई आज्ञा चक्र में समां जाती है. यह उष्ण नाड़ी कहलाती है. यह घन आवेशित होती है.
सुषम्ना
जब स्वास दोनो नासिकाओ में एक समान रूप से चल रहा होता है तो सुषम्ना प्रवाहित हो रही होती है. इसे शून्य स्वर भी कहते है.
इस प्रकार हम नासिका के दोनों छिद्रो में प्रवाहित होने वाले प्राण का पत्ता लगा कर स्वर का पत्ता लगा सकते है.
अब तत्वो की बात करते है. हिन्दु शास्त्रों के अनुसार हमारा शरीर पाँच तत्वो से मिल कर बना है. जोकि निम्नलिखित है:-
क) पृथ्वि तत्व
ख) अग्नि तत्व
ग) जल तत्व
घ) वायु तत्व
ड़) आकाश तत्व
हर समय इन तत्वों में से कुछ तत्व प्राण के साथ साथ रह्ते है. आमतौर पर एक और विशेष तौर पर दो तत्व भी मौजूद रह सकते है. इन तत्वो की मौजूदगी का आभास कई प्रकार से किया जा सकता है. और इस कला का प्रयोग अपनी आम जिन्दगी के साथ साथ अपने आध्यात्मिक उत्थान के लिये किया सा सकता है. इस कला के माध्यम से हम हम अपने दैनिक क्रिया कलापों को भी कुछ हद तक नियन्त्रित कर सकते है.